मेरी मुस्कराहटों पे यकीन कम था उसे और आंसुओ पे ज्यादा.. जब हमने रोना सीख लिया तो उसने मुस्कराना सीख लिया...
हम बेशक़ बदलते चले गए उसे समझाते समझाते.. हमने खोना सीख लिया और उसने बदलना सीख लिया..
✍🏻ज़िन्दगी-ए-सागर✍🏻
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