Monday, October 1, 2018

ना कोई इश्क़ था....

अच्छा लगता था खुद से मिल कर कभी..
ना कोई इश्क़ था ना कोई तकलीफ..

Sunday, June 24, 2018

कोई इश्क़ बना तो कोई...

कोई इश्क़ बना तो कोई महरूमियत
कोई आरज़ू बना तो कोई ख़ाक हो गया

किसी ने हौसला रखा जीने के लिए
कोई इतना जला यहां की राख हो गया..

Thursday, June 21, 2018

मेरी मुस्कराहटों पे..

मेरी मुस्कराहटों पे यकीन कम था उसे और आंसुओ पे ज्यादा..
जब हमने रोना सीख लिया तो उसने मुस्कराना सीख लिया...

हम बेशक़ बदलते चले गए उसे समझाते समझाते..
हमने खोना सीख लिया और उसने बदलना सीख लिया..

✍🏻ज़िन्दगी-ए-सागर✍🏻

Monday, July 10, 2017

चल दिये फिर दूर खुद से

चल दिये फिर दूर खुद से
ना तमन्ना ना ख़्वाहिशें

दिल लगाने वालों की 
देखी हमने आजमाइशें

छीन लेते है ख़्वाबों को
ख्वाहिश में जो आती हैं

हमको तन्हा करने की
फिर उनकी है फ़रमाइशें

चल दिये फिर दूर खुद से
ना तमन्ना ना ख़्वाहिशें...

Thursday, February 16, 2017

Baat Bas Itni Si hai

रह गयी जो बात बाकी
बात बस इतनी सी है

रह गए हम तुम अधूरे
रात भी इतनी सी है

दूरियां नजदीकियां
की हर निशानी पास है

साथ अब हम तुम नहीं
बात बस इतनी सी है

रह गयी जो बात बाकी
बात बस इतनी सी है


Wednesday, December 2, 2015

Ik din rooh najar ayegi....

Ik din rooh najar ayegi meri yaad me tujhko

Fir ye na kahna tumhe hum chahiye

Jb talak the paas tere tu paas na tha

Tab ye na kahna tera ehsaas chahiye.....

Tuesday, December 1, 2015

Ik din rooh najar ayegi meri..


Ik din rooh najar ayegi meri yaad me tujhko

Fir ye na kahna tumhe hum chahiye

Jb talak the paas tere tu paas na tha

Tab ye na kahna tera ehsaas chahiye.....